श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.75.15 
ते मां रक्षत संग्रामे मा वो मूर्ध्नि धनंजय:।
पदं कृत्वाऽऽप्नुयाल्लक्ष्यं तस्मादत्र विधीयताम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम सब लोग युद्ध में मेरी रक्षा करो। कहीं ऐसा न हो कि अर्जुन तुम्हारे सिरों पर पैर रखकर अपने लक्ष्य तक पहुँच जाए; अतः इसके लिए तुम सब लोग आवश्यक व्यवस्था करो॥15॥
 
‘Therefore you all should protect me in the battle. It may happen that Arjuna reaches his goal by stepping on your heads; therefore you should make necessary arrangements for this.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)