vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना
»
श्लोक 14
श्लोक
7.75.14
तां न देवा न गन्धर्वा नासुरोरगराक्षसा:।
उत्सहन्तेऽन्यथा कर्तुं प्रतिज्ञां सव्यसाचिन:॥ १४॥
अनुवाद
यहां तक कि देवता, गंधर्व, असुर, नाग और राक्षस भी सव्यसाची अर्जुन के उस वचन से अन्यथा नहीं कर सकते। 14॥
Even the Gods, Gandharvas, Asuras, Nagas and Rakshasas cannot do otherwise than that promise of Savyasachi Arjuna. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×