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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.75.14 
तां न देवा न गन्धर्वा नासुरोरगराक्षसा:।
उत्सहन्तेऽन्यथा कर्तुं प्रतिज्ञां सव्यसाचिन:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यहां तक ​​कि देवता, गंधर्व, असुर, नाग और राक्षस भी सव्यसाची अर्जुन के उस वचन से अन्यथा नहीं कर सकते। 14॥
 
Even the Gods, Gandharvas, Asuras, Nagas and Rakshasas cannot do otherwise than that promise of Savyasachi Arjuna. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)