श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.75.12 
स मन्त्रकाले सम्मन्त्र्य सर्वां नै:श्रेयसीं क्रियाम्।
सुयोधनमिदं वाक्यमब्रवीद् राजसंसदि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
मंत्रणा के समय अपने लिए हितकर सब बातों पर अपने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करके वह राजसभा में आया और दुर्योधन से इस प्रकार बोला-॥12॥
 
After consulting with his ministers about all the things that would be beneficial for him during the consultation, he came to the royal court and spoke to Duryodhana as follows:॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)