Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.74.22: महाराज ! उस समय उसने द्रोणाचार्य के चरण स्पर्श करके विधिपूर्वक प्रणाम किया और उनके पास बैठकर आदरपूर्वक पूछा -॥22॥   |   mahabharat अध्याय 7.74: जयद्रथका भय तथा दुर्योधन और द्रोणाचार्यका उसे आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 74: जयद्रथका भय तथा दुर्योधन और द्रोणाचार्यका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.74.22 
उपसंग्रहणं कृत्वा द्रोणाय स विशाम्पते।
उपोपविश्य प्रणत: पर्यपृच्छदिदं तदा॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महाराज ! उस समय उसने द्रोणाचार्य के चरण स्पर्श करके विधिपूर्वक प्रणाम किया और उनके पास बैठकर आदरपूर्वक पूछा -॥22॥
 
Maharaj! At that time he touched the feet of Dronacharya and bowed down ritually and sitting near him he asked with reverence -॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)