Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.73.32-34: जो मनुष्य नंगा होकर स्नान करता है और अतिथि को भोजन कराए बिना ही वापस भेज देता है, वही भाग्य उस व्यक्ति का है; जो रिश्वत लेने वाले, झूठ बोलने वाले और दूसरों को धोखा देने वाले का है; जो तुच्छ मनुष्य अपनी आत्मा को मारता है, दूसरों पर झूठा आरोप लगाता है, नौकरों के अधीन रहता है और अपनी स्त्री, पुत्र तथा आश्रितों को भोजन न देकर अकेले ही मिठाई खाता है, वही भाग्य उस व्यक्ति का है; यदि मैं कल जयद्रथ का वध न करूँ, तो मेरी भी यही दुर्दशा होगी। | mahabharat अध्याय 7.73: युधिष्ठिरके मुखसे अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनकर अर्जुनकी जयद्रथको मारनेके लिये शपथपूर्ण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नग्नस्य स्नायमानस्य या च वन्ध्यातिथेर्गति:।
उत्कोचिनां मृषोक्तीनां वञ्चकानां च या गति:॥ ३२॥
आत्मापहारिणां या च या च मिथ्याभिशंसिनाम्।
भृत्यै: संदिश्यमानानां पुत्रदाराश्रितैस्तथा॥ ३३॥
असंविभज्य क्षुद्राणां या गतिर्मिष्टमश्नताम्।
तां गच्छेयं गतिं घोरां न चेद्धन्यां जयद्रथम्॥ ३४॥
अनुवाद
जो मनुष्य नंगा होकर स्नान करता है और अतिथि को भोजन कराए बिना ही वापस भेज देता है, वही भाग्य उस व्यक्ति का है; जो रिश्वत लेने वाले, झूठ बोलने वाले और दूसरों को धोखा देने वाले का है; जो तुच्छ मनुष्य अपनी आत्मा को मारता है, दूसरों पर झूठा आरोप लगाता है, नौकरों के अधीन रहता है और अपनी स्त्री, पुत्र तथा आश्रितों को भोजन न देकर अकेले ही मिठाई खाता है, वही भाग्य उस व्यक्ति का है; यदि मैं कल जयद्रथ का वध न करूँ, तो मेरी भी यही दुर्दशा होगी।
The fate of a man who bathes naked and sends a guest back without offering him food; the miserable fate of a bribe-taker, a liar and one who cheats others; the miserable fate of a petty man who kills his own soul, falsely accuses others, lives under the command of servants and gobbles up sweets alone without sharing the food with his wife, son and dependents; if I do not kill Jayadratha tomorrow, I too will attain the same miserable fate.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥