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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 73: युधिष्ठिरके मुखसे अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनकर अर्जुनकी जयद्रथको मारनेके लिये शपथपूर्ण प्रतिज्ञा
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श्लोक 15-16h
श्लोक
7.73.15-16h
एतावदेव निर्वृत्तमस्माकं शोकवर्धनम्॥ १५॥
स चैवं पुरुषव्याघ्र: स्वर्गलोकमवाप्तवान्।
अनुवाद
यह वह घटना है जिससे हमें दुःख हुआ है। इस प्रकार नरसिंह अभिमन्यु स्वर्ग को गया।
This is the incident which has caused grief to us. The lion of men Abhimanyu has thus gone to heaven. 15 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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