Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.73.13-15h: इससे पहले उसने हजारों हाथियों, रथों, घोड़ों और मनुष्यों को मार डाला था। उसने आठ हजार रथियों और नौ सौ हाथियों को मार डाला था। दो हजार राजकुमारों और अन्य अनेक अज्ञात योद्धाओं को मारकर उसने युद्धभूमि में राजा बृहद्बल को स्वर्ग का अतिथि बना दिया था। इसके बाद परम धर्मात्मा अभिमन्यु स्वयं मारा गया। ॥13-14 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.73: युधिष्ठिरके मुखसे अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनकर अर्जुनकी जयद्रथको मारनेके लिये शपथपूर्ण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे पहले उसने हजारों हाथियों, रथों, घोड़ों और मनुष्यों को मार डाला था। उसने आठ हजार रथियों और नौ सौ हाथियों को मार डाला था। दो हजार राजकुमारों और अन्य अनेक अज्ञात योद्धाओं को मारकर उसने युद्धभूमि में राजा बृहद्बल को स्वर्ग का अतिथि बना दिया था। इसके बाद परम धर्मात्मा अभिमन्यु स्वयं मारा गया। ॥13-14 1/2॥
Before this he had killed thousands of elephants, chariots, horses and men. He killed eight thousand chariots and nine hundred elephants. After killing two thousand princes and many other unknown warriors, he made King Brihadbal a guest of heaven on the battlefield. After this, the most righteous Abhimanyu himself died. ॥ 13-14 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥