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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  7.72.79 
यद्येवमहमज्ञास्यमशक्तान् रक्षणे मम।
पुत्रस्य पाण्डुपञ्चालान् मया गुप्तो भवेत् तत:॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
यदि मुझे यह मालूम होता कि पाण्डव और पांचाल मेरे पुत्र की रक्षा करने में असमर्थ हैं, तो मैं स्वयं उसकी रक्षा करता।
 
Had I known that the Pandavas and the Panchalas were incapable of protecting my son, I would have protected him myself. 79.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)