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mahabharat 7.72.74: हे माननीय! अपने शांतिपूर्ण वचनों से उन सबको आश्वस्त कीजिए। आपने जानने योग्य ज्ञान प्राप्त कर लिया है। अतः आपको शोक नहीं करना चाहिए। 74॥   |   mahabharat अध्याय 7.72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  7.72.74 
एतांश्च वचसा साम्ना समाश्वासय मानद।
विदितं वेदितव्यं ते न शोकं कर्तुमर्हसि॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
हे माननीय! अपने शांतिपूर्ण वचनों से उन सबको आश्वस्त कीजिए। आपने जानने योग्य ज्ञान प्राप्त कर लिया है। अतः आपको शोक नहीं करना चाहिए। 74॥
 
Honourable! Assure them all with your peaceful words. You have gained knowledge of what is worth knowing. Therefore you should not mourn. 74॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)