Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.72.45-46h: निश्चय ही आज वैवस्वत यम, वरुण, इन्द्र और कुबेर तुम्हारे जैसे निर्भय योद्धा को अपना प्रिय अतिथि बनाकर तुम्हारा बड़े आदर-सत्कार के साथ सत्कार करेंगे।’ ॥45 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निश्चय ही आज वैवस्वत यम, वरुण, इन्द्र और कुबेर तुम्हारे जैसे निर्भय योद्धा को अपना प्रिय अतिथि बनाकर तुम्हारा बड़े आदर-सत्कार के साथ सत्कार करेंगे।’ ॥45 1/2॥
Surely today Vaivasvat Yama, Varuna, Indra and Kubera would be treating you with great respect having a fearless warrior like you as their dear guest.' ॥ 45 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥