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mahabharat 7.72.21: परन्तु मैंने अभी तक उसे उस दल से निकलने का उपाय नहीं बताया था। क्या ऐसा हो सकता है कि तुम लोगों ने उस बालक को शत्रु दल में भेज दिया हो?॥21॥   |   mahabharat अध्याय 7.72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.72.21 
न चोपदिष्टस्तस्यासीन्मयानीकाद् विनिर्गम:।
कच्चिन्न बालो युष्माभि: परानीकं प्रवेशित:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
परन्तु मैंने अभी तक उसे उस दल से निकलने का उपाय नहीं बताया था। क्या ऐसा हो सकता है कि तुम लोगों ने उस बालक को शत्रु दल में भेज दिया हो?॥21॥
 
‘But I had not yet told him the way to get out of that formation. Could it have happened that you people have sent that boy into the enemy formation?॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)