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mahabharat 7.72.19: आज तुम सबके चेहरों की चमक दुःखी लग रही है, मैं अभिमन्यु को देख नहीं पा रहा हूँ और तुम भी मुझसे प्रसन्नतापूर्वक बात नहीं कर रहे हो॥19॥   |   mahabharat अध्याय 7.72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.72.19 
मुखवर्णोऽप्रसन्नो व: सर्वेषामेव लक्ष्यते।
न चाभिमन्युं पश्यामि न च मां प्रतिनन्दथ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
आज तुम सबके चेहरों की चमक दुःखी लग रही है, मैं अभिमन्यु को देख नहीं पा रहा हूँ और तुम भी मुझसे प्रसन्नतापूर्वक बात नहीं कर रहे हो॥19॥
 
Today the glow on the faces of all of you looks unhappy, I am not able to see Abhimanyu and you too are not talking to me happily.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)