Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.72.18: भाइयों और पुत्रों को इस दशा में देखकर और सुभद्राकुमार अभिमन्यु को वहाँ न पाकर कपिध्वज अर्जुन का हृदय अत्यंत दुःखी हो गया और उन्होंने इस प्रकार कहा- ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 7.72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 72: अभिमन्युकी मृत्युके कारण अर्जुनका विषाद और क्रोध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.72.18 
दृष्ट्वा भ्रातॄंश्च पुत्रांश्च विमना वानरध्वज:।
अपश्यंश्चैव सौभद्रमिदं वचनमब्रवीत्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
भाइयों और पुत्रों को इस दशा में देखकर और सुभद्राकुमार अभिमन्यु को वहाँ न पाकर कपिध्वज अर्जुन का हृदय अत्यंत दुःखी हो गया और उन्होंने इस प्रकार कहा- ॥18॥
 
Seeing the brothers and sons in this condition and not finding Subhadrakumar Abhimanyu there, Kapidhwaj Arjun's heart became very sad and he said thus - 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)