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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 71: नारदजीका सृंजयके पुत्रको जीवित करना और व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाकर अन्तर्धान होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.71.2 
तमब्रवीत् तथाऽऽसीनं नारदो भगवानृषि:।
श्रुतं कीर्तयतो मह्यं गृहीतं ते महाद्युते॥ २॥
 
 
अनुवाद
उन्हें इस प्रकार शांतचित्त बैठे देखकर नारद मुनि ने उनसे पूछा, 'हे महाबली राजन! क्या आपने मेरी बात सुनी और समझी?'॥2॥
 
Seeing him sitting quietly in this manner, the sage Narada asked him, 'O mighty king! Have you heard and understood what I have said?'॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)