Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.70.21: जब कश्यप ऋषि ने सातों द्वीपों सहित पृथ्वी को दान में स्वीकार कर लिया, तब उन्होंने परशुराम से कहा, 'अब मेरी आज्ञा से इस पृथ्वी को छोड़ दो (और कहीं अन्यत्र जाकर रहो)।   |   mahabharat अध्याय 7.70: परशुरामजीका चरित्र   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 70: परशुरामजीका चरित्र  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.70.21 
सप्तद्वीपां वसुमतीं मारीचोऽगृह्णत द्विज:।
रामं प्रोवाच निर्गच्छ वसुधातो ममाज्ञया॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जब कश्यप ऋषि ने सातों द्वीपों सहित पृथ्वी को दान में स्वीकार कर लिया, तब उन्होंने परशुराम से कहा, 'अब मेरी आज्ञा से इस पृथ्वी को छोड़ दो (और कहीं अन्यत्र जाकर रहो)।
 
When the sage Kashyap accepted the earth along with the seven islands as a donation, he said to Parasurama, 'Now by my order, leave this earth (and go and live somewhere else).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)