श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 69: राजा पृथुका चरित्र  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.69.26 
स्वधां रजतपात्रेषु दुदुहु: पितरश्च ताम्।
वत्सो वैवस्वतस्तेषां यमो दोग्धान्तकस्तदा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
पितरों ने चाँदी के पात्र में पृथ्वी से स्वधा का दूध दुहा। उस समय वैवस्वत यम बछड़े को दुह रहे थे और अन्तक उन्हें दुह रहा था॥26॥
 
The Pitris milked the milk of Swadhaa from the earth in a silver vessel. At that time Vaivasvat Yama was milking the calf and Antaka was milking them.॥26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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