श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 69: राजा पृथुका चरित्र  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.69.24 
अन्तर्धानं चामपात्रे दुग्धा पुण्यजनैर्विराट्।
दोग्धा वैश्रवणस्तेषां वत्सश्चासीद् वृषध्वज:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
यक्षों ने पृथ्वी से कच्चे पात्र में अन्तर्धान विद्या दुही। उनकी ग्वालिन कुबेर थी और बछड़ा महादेवजी थे॥ 24॥
 
The Yakshas milked the Antardhan Vidya from the earth in a raw vessel. Their milkmaid was Kubera and the calf was Mahadevji.॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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