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श्लोक 7.69.24  |
अन्तर्धानं चामपात्रे दुग्धा पुण्यजनैर्विराट्।
दोग्धा वैश्रवणस्तेषां वत्सश्चासीद् वृषध्वज:॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| यक्षों ने पृथ्वी से कच्चे पात्र में अन्तर्धान विद्या दुही। उनकी ग्वालिन कुबेर थी और बछड़ा महादेवजी थे॥ 24॥ |
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| The Yakshas milked the Antardhan Vidya from the earth in a raw vessel. Their milkmaid was Kubera and the calf was Mahadevji.॥ 24॥ |
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