श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 69: राजा पृथुका चरित्र  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.69.21 
कृषिं च सस्यं च नरा दुदुहु: पृथिवीतले।
स्वायम्भुवो मनुर्वत्सस्तेषां दोग्धाभवत् पृथु:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी पर मानव कृषि और खेती से प्राप्त उपज को दूध के रूप में दुहते थे। उनके बछड़े के स्थान पर स्वयंभू मनु थे और दूध दुहने का कार्य पृथु करते थे।
 
The humans on earth milked the produce of agriculture and farming as milk. In place of their calf there was Swayambhu Manu and the milking was done by Prithu. 21.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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