| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 69: राजा पृथुका चरित्र » श्लोक 18-19h |
|
| | | | श्लोक 7.69.18-19h  | उदय: पर्वतो वत्सो मेरुर्दोग्धा महागिरि:॥ १८॥
रत्नान्योषधयो दुग्धं पात्रमश्ममयं तथा। | | | | | | अनुवाद | | पर्वतों में उदयाचल बछड़ा था, महागिरि मेरु दूध देने वाला, रत्न और औषधियों से भरा दूध था तथा पत्थर ही दूध का एकमात्र पात्र था। | | | | In the mountains, Udayachal was the calf, Mahagiri Meru was the milker, gems and medicinal milk and stone was the only milk vessel. | | ✨ ai-generated | | |
|
|