Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.68.13-16h: शत्रुओं को जीतने वाले, दूसरों से कभी पराजित न होने वाले, उद्दण्ड मन वाले चक्रवर्ती सम्राट भरत ने ब्राह्मणों को समस्त सुन्दर रत्न, चमकते हुए और सुवर्ण से विभूषित, घोड़े, हाथी, रथ, ऊँट, बकरी, भेड़, दास, दासियाँ, धन-धान्य, दूध देने वाली गायें, गाँव, मकान, खेत, वस्त्र, आभूषण आदि, नाना प्रकार की सामग्री तथा दस लाख करोड़ स्वर्ण मुद्राएँ दी थीं। | mahabharat अध्याय 7.68: राजा भरतका चरित्र । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं को जीतने वाले, दूसरों से कभी पराजित न होने वाले, उद्दण्ड मन वाले चक्रवर्ती सम्राट भरत ने ब्राह्मणों को समस्त सुन्दर रत्न, चमकते हुए और सुवर्ण से विभूषित, घोड़े, हाथी, रथ, ऊँट, बकरी, भेड़, दास, दासियाँ, धन-धान्य, दूध देने वाली गायें, गाँव, मकान, खेत, वस्त्र, आभूषण आदि, नाना प्रकार की सामग्री तथा दस लाख करोड़ स्वर्ण मुद्राएँ दी थीं।
Emperor Bharat, the conqueror of enemies and the unruly-minded Chakravarti who was never defeated by others, had given to the Brahmins all the beautiful gems, shining and adorned with gold, horses, elephants, chariots, camels, goats, sheep, slaves, maids, wealth and grains, milk-yielding cows, villages, houses, fields, clothes, ornaments etc., various types of material and ten lakh crore gold coins. 13-15 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥