श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 65: राजा शशबिन्दुका चरित्र  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.65.8 
एतद् धनमपर्याप्तमश्वमेधे महामखे।
शशबिन्दुर्महाभागो ब्राह्मणेभ्यो ह्यमन्यत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यह अपार धन सौभाग्यशाली शशबिन्दु ने अपने अश्वमेध नामक महान यज्ञ में ब्राह्मणों को दान कर दिया था।
 
This immense wealth was donated by the fortunate Shashabindu to the Brahmins in his great yajna called Ashwamedha. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)