Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.63.5-7: जब देवताओं और देवियों में युद्ध छिड़ गया, तब देवताओं की सहायता से उन्होंने नाना प्रकार के यज्ञों द्वारा भगवान का यज्ञ सम्पन्न किया और सम्पूर्ण पृथ्वी को चार भागों में विभाजित करके उसे चार प्रकार के ब्राह्मणों - ऋत्विज, अध्वर्यु, होता और उद्गाता - में बाँट दिया। फिर शुक्रकन्या देवयानी और दैत्यराज की पुत्री शर्मिष्ठा के गर्भ से एक गुणवान बालक को उत्पन्न करके वह देवराज द्वितीय इन्द्र के समान अपनी इच्छानुसार समस्त देवताओं में विचरण करता रहा। 5-7॥ | mahabharat अध्याय 7.63: राजा ययातिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब देवताओं और देवियों में युद्ध छिड़ गया, तब देवताओं की सहायता से उन्होंने नाना प्रकार के यज्ञों द्वारा भगवान का यज्ञ सम्पन्न किया और सम्पूर्ण पृथ्वी को चार भागों में विभाजित करके उसे चार प्रकार के ब्राह्मणों - ऋत्विज, अध्वर्यु, होता और उद्गाता - में बाँट दिया। फिर शुक्रकन्या देवयानी और दैत्यराज की पुत्री शर्मिष्ठा के गर्भ से एक गुणवान बालक को उत्पन्न करके वह देवराज द्वितीय इन्द्र के समान अपनी इच्छानुसार समस्त देवताओं में विचरण करता रहा। 5-7॥
When the battle between gods and goddesses broke out, with the help of the gods, he performed the yajna of God through various types of yagyas and divided the entire earth into four parts and distributed it among the four types of Brahmins – Ritvija, Adhvaryu, Hota and Udgata. Then, after giving birth to a virtuous child from the womb of Shukrakanya Devayani and Sharmistha, daughter of the demon king, that king of gods, like the second Indra, continued to roam around in all the gods as per his wish. 5-7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥