Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.62.12-13: राजन! सौ अश्वमेध और सौ राजसूय यज्ञ करके उन्होंने सौ योजन विस्तृत रोहितक, मत्स्य और हिरण्यमय (सोने की खानों से युक्त) जनपद ब्राह्मणों को दिए, जो लोगों में उच्च स्थानों के रूप में प्रसिद्ध थे। 12-13॥ | mahabharat अध्याय 7.62: राजा मान्धाताकी महत्ता । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! सौ अश्वमेध और सौ राजसूय यज्ञ करके उन्होंने सौ योजन विस्तृत रोहितक, मत्स्य और हिरण्यमय (सोने की खानों से युक्त) जनपद ब्राह्मणों को दिए, जो लोगों में उच्च स्थानों के रूप में प्रसिद्ध थे। 12-13॥
Rajan! After performing hundred Ashvamedha and hundred Rajsuya Yagyas, he gave hundred Yojana-wide Rohitaka, Matsya and Hiranyamaya (full of gold mines) districts, which were famous among the people as high places, to the Brahmins. 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥