Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.60.8: यज्ञ करते समय भूयसी दक्षिणा देने वाले इक्ष्वाकुवंश के धनी राजा भगीरथ को समुद्र-पत्नी गंगादेवी ने अपना पिता स्वीकार किया। 8॥ | mahabharat अध्याय 7.60: राजा भगीरथका चरित्र । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगीरथं यजमानमैक्ष्वाकुं भूरिदक्षिणम्।
गङ्गा समुद्रगा देवी वव्रे पितरमीश्वरम्॥ ८॥
अनुवाद
यज्ञ करते समय भूयसी दक्षिणा देने वाले इक्ष्वाकुवंश के धनी राजा भगीरथ को समुद्र-पत्नी गंगादेवी ने अपना पिता स्वीकार किया। 8॥
While performing the Yagya, the Ikshvaku dynasty's wealthy king Bhagiratha, who gave Bhuyasi Dakshina, was accepted by the sea-wife Gangadevi as her father. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥