Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.60.5: राजा भगीरथ गंगा के तट पर प्रचुर दक्षिणा देते हुए रहते थे, अतः उनके व्रत के समय जल के प्रवाह से अभिभूत होकर देवी गंगा अत्यंत व्याकुल हो गईं और पास के एक राजा की गोद में आकर बैठ गईं॥5॥ | mahabharat अध्याय 7.60: राजा भगीरथका चरित्र । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा भगीरथ गंगा के तट पर प्रचुर दक्षिणा देते हुए रहते थे, अतः उनके व्रत के समय जल के प्रवाह से अभिभूत होकर देवी गंगा अत्यंत व्याकुल हो गईं और पास के एक राजा की गोद में आकर बैठ गईं॥5॥
King Bhagirath lived on the banks of the Ganga, giving abundant dakshina. Therefore, being overwhelmed by the flow of water during his vows, Goddess Ganga became extremely distressed and came and sat in the lap of a nearby king.॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥