श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 59: भगवान् श्रीरामका चरित्र  »  श्लोक d6
 
 
श्लोक  7.59.d6 
तत्र राजन् प्रविष्ट: स अयोध्यायां महायशा:।
मातृर्वयस्यान् सचिवानृत्विज: सपुरोहितान्॥
शुश्रूषमाण: सततं मन्त्रिभिश्चाभिषेचित:।
 
 
अनुवाद
राजन! अयोध्या में प्रवेश करके महाबली श्रीराम वहाँ अपनी माताओं, मित्रों, मन्त्रियों, ऋषियों और पुरोहितों की सेवा में निरन्तर तत्पर रहने लगे। तत्पश्चात् मन्त्रियों ने उनका राज्याभिषेक किया।
 
Rajan! After entering Ayodhya, the great Shri Ram started always engaged in the service of his mothers, friends, ministers, sages and priests there. Then the ministers coronated him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)