श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 59: भगवान् श्रीरामका चरित्र  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  7.59.3-4h 
जघान च जनस्थाने राक्षसान् मनुजर्षभ:॥ ३॥
तपस्विनां रक्षणार्थं सहस्राणि चतुर्दश।
 
 
अनुवाद
पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्रजी ने जनस्थान में तपस्वी मुनियों की रक्षा के लिए चौदह हजार राक्षसों का वध किया था ॥3 1/2॥
 
The best of men, Shri Ramchandraji, had killed fourteen thousand demons to protect the ascetic sages in Janasthan. 3 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)