Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.59.18-19h: जनस्थान में दैत्यों द्वारा नष्ट की गई पितरों और देवताओं की पूजा को भगवान श्री राम ने दैत्यों का वध करके पुनः स्थापित किया तथा पितरों को श्राद्ध का भाग और देवताओं को यज्ञ का भाग दिया ॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.59: भगवान् श्रीरामका चरित्र । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वधां पूजां च रक्षोभिर्जनस्थाने प्रणाशिताम्॥ १८॥
प्रादान्निहत्य रक्षांसि पितृदेवेभ्य ईश्वर:।
अनुवाद
जनस्थान में दैत्यों द्वारा नष्ट की गई पितरों और देवताओं की पूजा को भगवान श्री राम ने दैत्यों का वध करके पुनः स्थापित किया तथा पितरों को श्राद्ध का भाग और देवताओं को यज्ञ का भाग दिया ॥18 1/2॥
The worship of ancestors and gods which had been destroyed by the demons in Janasthan, was reinstated by Lord Shri Ram by killing the demons and gave the share of Shraddha to the ancestors and the share of Yagya to the gods. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥