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mahabharat 7.56.2: धर्मानुसार राज्य पाकर उसने पुरोहितों, ब्राह्मणों और पुरोहितों से अपने कल्याण का उपाय पूछा और पूछने के बाद वह उनकी सलाह के अनुसार कार्य करता रहा॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 7.56: राजा सुहोत्रकी दानशीलता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 56: राजा सुहोत्रकी दानशीलता  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.56.2 
य: प्राप्य राज्यं धर्मेण ऋत्विग्ब्रह्मपुरोहितान्।
अपृच्छदात्मन: श्रेय: पृष्ट्वा तेषां मते स्थित:॥ २॥
 
 
अनुवाद
धर्मानुसार राज्य पाकर उसने पुरोहितों, ब्राह्मणों और पुरोहितों से अपने कल्याण का उपाय पूछा और पूछने के बाद वह उनकी सलाह के अनुसार कार्य करता रहा॥ 2॥
 
After getting the kingdom in accordance with Dharma, he asked the priests, Brahmins and priests about the ways for his welfare and after asking, he kept on acting according to their advice.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)