Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.55.9: तब महर्षि पर्वत ने उस कन्या की ओर देखकर मुस्कुराकर कहा, 'हे राजन! यह समस्त शुभ गुणों और चंचल व्यंग्य से युक्त कन्या किसकी पुत्री है?॥9॥ | mahabharat अध्याय 7.55: षोडशराजकीयोपाख्यानका आरम्भ, नारदजीकी कृपासे राजा सृंजयको पुत्रकी प्राप्ति, दस्युओंद्वारा उसका वध तथा पुत्रशोकसंतप्त सृंजयको नारदजीका मरुत्तका चरित्र सुनाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब महर्षि पर्वत ने उस कन्या की ओर देखकर मुस्कुराकर कहा, 'हे राजन! यह समस्त शुभ गुणों और चंचल व्यंग्य से युक्त कन्या किसकी पुत्री है?॥9॥
Then Maharishi Parvat looked at the girl and said smilingly, 'O King! Whose daughter is this girl with all the auspicious qualities and playful sarcasm?॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥