Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.55.5: व्यासजी बोले- राजन! राजा शैब्य के सृंजय नाम के एक प्रसिद्ध पुत्र थे। पर्वत और नारद उनके दो ऋषि मित्र थे।   |   mahabharat अध्याय 7.55: षोडशराजकीयोपाख्यानका आरम्भ, नारदजीकी कृपासे राजा सृंजयको पुत्रकी प्राप्ति, दस्युओंद्वारा उसका वध तथा पुत्रशोकसंतप्त सृंजयको नारदजीका मरुत्तका चरित्र सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 55: षोडशराजकीयोपाख्यानका आरम्भ, नारदजीकी कृपासे राजा सृंजयको पुत्रकी प्राप्ति, दस्युओंद्वारा उसका वध तथा पुत्रशोकसंतप्त सृंजयको नारदजीका मरुत्तका चरित्र सुनाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.55.5 
व्यास उवाच
शैब्यस्य नृपते: पुत्र: सृञ्जया नाम नामत:।
सखायौ तस्य चैवोभौ ऋषी पर्वतनारदौ॥ ५॥
 
 
अनुवाद
व्यासजी बोले- राजन! राजा शैब्य के सृंजय नाम के एक प्रसिद्ध पुत्र थे। पर्वत और नारद उनके दो ऋषि मित्र थे।
 
Vyasji said- Rajan! King Shaibya had a famous son named Srinjay. His mountain and Narada were his two sage friends. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)