Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.55.33-34h: जब महान तपस्वी राजा ने देखा कि ऋषि से प्राप्त उनका पुत्र मारा गया है, तो वे अत्यन्त दुःखी हुए और अनेक प्रकार से विलाप करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.55: षोडशराजकीयोपाख्यानका आरम्भ, नारदजीकी कृपासे राजा सृंजयको पुत्रकी प्राप्ति, दस्युओंद्वारा उसका वध तथा पुत्रशोकसंतप्त सृंजयको नारदजीका मरुत्तका चरित्र सुनाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब महान तपस्वी राजा ने देखा कि ऋषि से प्राप्त उनका पुत्र मारा गया है, तो वे अत्यन्त दुःखी हुए और अनेक प्रकार से विलाप करने लगे।
When the great ascetic king saw that his son, who was a boon from the sage, was killed, he became extremely sad and started wailing in many pitiable ways.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥