Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.55.14: ब्रह्मन्! तुमने उसी को चुना है जिसे मैंने मन ही मन चुन लिया था। अतः तुमने मेरे द्वारा चुनी हुई पत्नी को चुना है, इसलिए अब तुम अपनी इच्छानुसार स्वर्ग नहीं जा सकते।॥14॥ | mahabharat अध्याय 7.55: षोडशराजकीयोपाख्यानका आरम्भ, नारदजीकी कृपासे राजा सृंजयको पुत्रकी प्राप्ति, दस्युओंद्वारा उसका वध तथा पुत्रशोकसंतप्त सृंजयको नारदजीका मरुत्तका चरित्र सुनाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मन्! तुमने उसी को चुना है जिसे मैंने मन ही मन चुन लिया था। अतः तुमने मेरे द्वारा चुनी हुई पत्नी को चुना है, इसलिए अब तुम अपनी इच्छानुसार स्वर्ग नहीं जा सकते।॥14॥
Brahman! You have chosen the one whom I had already chosen in my mind. Therefore, you have chosen the wife chosen by me, therefore now you cannot go to heaven as per your wish.'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥