अतः पाण्डु नन्दन! आप अपने भाइयों सहित बड़े धैर्य से काम लें, प्रमाद त्याग दें, कवच आदि से सुसज्जित होकर शीघ्र ही युद्ध के लिए तैयार हो जाएँ।
So Pandu Nandan! You along with your brothers should have great patience, give up carelessness, be well equipped with armor etc. and get ready for war soon.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि अभिमन्युवधपर्वणि मृत्युप्रजापतिसंवादे चतु:पञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत अभिमन्युवधपर्वमें मृत्युप्रजापतिसंवादविषयक चौवनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)