Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.54.42: काम और क्रोध को त्यागकर इस संसार के समस्त प्राणियों का संहार करो। ऐसा करने से तुम्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी। मिथ्याचारी अपने ही पाप से मारा जाएगा। ॥42॥ | mahabharat अध्याय 7.54: मृत्युकी घोर तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उसे वरकी प्राप्ति तथा नारद-अकम्पन-संवादका उपसंहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काम और क्रोध को त्यागकर इस संसार के समस्त प्राणियों का संहार करो। ऐसा करने से तुम्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी। मिथ्याचारी अपने ही पाप से मारा जाएगा। ॥42॥
Abandoning lust and anger, kill all the living beings in this world. By doing so you will attain everlasting virtue. The liar will be killed by his own sin. ॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥