Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.54.21-22: इस प्रकार नियमों का पालन करते हुए नन्दनदी में निवास करके वह निष्पाप हो गई। तदनन्तर व्रत के नियमों को पूरा करके वह मृत्यु पहले कौशिक नदी के तट पर गई और वहाँ वायु और जल का सेवन करके पुनः कठोर नियमों का पालन करने लगी। 21-22॥ | mahabharat अध्याय 7.54: मृत्युकी घोर तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उसे वरकी प्राप्ति तथा नारद-अकम्पन-संवादका उपसंहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार नियमों का पालन करते हुए नन्दनदी में निवास करके वह निष्पाप हो गई। तदनन्तर व्रत के नियमों को पूरा करके वह मृत्यु पहले कौशिक नदी के तट पर गई और वहाँ वायु और जल का सेवन करके पुनः कठोर नियमों का पालन करने लगी। 21-22॥
In this way, by living in Nandanadi following the rules, she became sinless. Thereafter, after completing the fasting rules, Death first went to the banks of river Kaushik and there, eating air and water, she again started following the strict rules. 21-22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥