Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.54.2: मृत्यु बोली - हे वक्ताओं में श्रेष्ठ प्रजापति! आपने मुझे ऐसे स्त्री रूप में क्यों उत्पन्न किया? मैं जान-बूझकर ऐसा क्रूर और हानिकारक कार्य कैसे कर सकती हूँ?॥2॥ | mahabharat अध्याय 7.54: मृत्युकी घोर तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उसे वरकी प्राप्ति तथा नारद-अकम्पन-संवादका उपसंहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मृत्यु बोली - हे वक्ताओं में श्रेष्ठ प्रजापति! आपने मुझे ऐसे स्त्री रूप में क्यों उत्पन्न किया? मैं जान-बूझकर ऐसा क्रूर और हानिकारक कार्य कैसे कर सकती हूँ?॥2॥
Mrityu said - O Prajapati, the best among speakers! Why did you create me in such a woman's form? How could I knowingly commit such a cruel and harmful act?॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥