Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.53.11: हे प्रभु! आपके द्वारा उत्पन्न सभी प्राणी किसी न किसी प्रकार से नष्ट हो रहे हैं; अतः आपका यह प्रज्वलित क्रोध संसार का विनाश करना बंद कर दे और आपमें ही समा जाए। | mahabharat अध्याय 7.53: शंकर और ब्रह्माका संवाद, मृत्युकी उत्पत्ति तथा उसे समस्त प्रजाके संहारका कार्य सौंपा जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वे हि सृष्टा नश्यन्ति तव देव कथंचन।
तस्मान्निवर्ततां तेजस्त्वय्येवेदं प्रलीयताम्॥ ११॥
अनुवाद
हे प्रभु! आपके द्वारा उत्पन्न सभी प्राणी किसी न किसी प्रकार से नष्ट हो रहे हैं; अतः आपका यह प्रज्वलित क्रोध संसार का विनाश करना बंद कर दे और आपमें ही समा जाए।
O Lord! All the creatures created by you are getting destroyed in some way or the other; therefore, this blazing anger of yours should stop from destroying the world and merge in you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥