श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 52: विलाप करते हुए युधिष्ठिरके पास व्यासजीका आगमन और अकम्पन-नारद-संवादकी प्रस्तावना करते हुए मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग आरम्भ करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.52.9 
व्यास उवाच
युधिष्ठिर महाप्राज्ञ सर्वशास्त्रविशारद।
व्यसनेषु न मुह्यन्ति त्वादृशा भरतर्षभ॥ ९॥
 
 
अनुवाद
व्यास बोले, "आप समस्त शास्त्रों के विशेषज्ञ, परम बुद्धिमान और भरतवंश के गौरव हैं युधिष्ठिर! संकट के समय आप जैसे पुरुष भ्रमित नहीं होते।"
 
Vyasa said, "You are an expert in all the scriptures, extremely intelligent and the pride of the Bharata clan, Yudhishthira! Men like you are not confused in times of crisis."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)