श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 52: विलाप करते हुए युधिष्ठिरके पास व्यासजीका आगमन और अकम्पन-नारद-संवादकी प्रस्तावना करते हुए मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग आरम्भ करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.52.21 
स चापि राजा राजेन्द्र पुत्रव्यसनमुत्तमम्।
अप्रसह्यतमं लोके प्राप्तवानिति मे मति:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! राजा अकम्पन भी अपने पुत्र की मृत्यु से अत्यन्त दुःखी हुए, जो मेरी दृष्टि में अत्यन्त असह्य दुःख है ॥ 21॥
 
Rajendra! King Akampana too was deeply saddened by the death of his son, which in my opinion is the most unbearable sorrow. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)