श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 52: विलाप करते हुए युधिष्ठिरके पास व्यासजीका आगमन और अकम्पन-नारद-संवादकी प्रस्तावना करते हुए मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग आरम्भ करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.52.19 
संजय उवाच
तं तथा परिपृच्छन्तं कुन्तीपुत्रं युधिष्ठिरम्।
आश्वासनमिदं वाक्यमुवाच भगवानृषि:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! इस प्रकार पूछते हुए भगवान व्यासजी ने कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर से ये आश्वासन देने वाले वचन कहे॥19॥
 
Sanjay says- Rajan! Asking in this way, sage Lord Vyas said these reassuring words to Kunti's son Yudhishthira. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)