Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.52.18-19h: मुझे संदेह है कि ये क्यों मरे हुए कहे गए हैं? किसकी मृत्यु होती है? किस कारण से होती है? और इन विषयों (प्राणियों) का अपहरण क्यों होता है? हे देवतुल्य पितामह! कृपया मुझे ये सब बातें बताइए॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.52: विलाप करते हुए युधिष्ठिरके पास व्यासजीका आगमन और अकम्पन-नारद-संवादकी प्रस्तावना करते हुए मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग आरम्भ करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अत्र मे संशय: प्राप्त: कुत: संज्ञा मृता इति।
कस्य मृत्यु: कुतो मृत्यु: केन मृत्युरिमा: प्रजा:॥ १८॥
हरत्यमरसंकाश तन्मे ब्रूहि पितामह।
अनुवाद
मुझे संदेह है कि ये क्यों मरे हुए कहे गए हैं? किसकी मृत्यु होती है? किस कारण से होती है? और इन विषयों (प्राणियों) का अपहरण क्यों होता है? हे देवतुल्य पितामह! कृपया मुझे ये सब बातें बताइए॥18 1/2॥
I have a doubt as to why they are said to have died. Whose death occurs? For what reason does it occur? And why does it abduct these subjects (beings)? O godlike grandfather! Please tell me all these things.॥18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥