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mahabharat 7.52.16: इसलिए, उनके संदर्भ में 'मृत' शब्द सार्थक हो रहा है। इन प्रचंड पराक्रमी भूमिपालों को प्रायः 'मृत' कहा जाता है।   |   mahabharat अध्याय 7.52: विलाप करते हुए युधिष्ठिरके पास व्यासजीका आगमन और अकम्पन-नारद-संवादकी प्रस्तावना करते हुए मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग आरम्भ करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 52: विलाप करते हुए युधिष्ठिरके पास व्यासजीका आगमन और अकम्पन-नारद-संवादकी प्रस्तावना करते हुए मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग आरम्भ करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.52.16 
मृता इति च शब्दोऽयं वर्तते च ततोऽर्थवत्।
इमे मृता महीपाला: प्रायशो भीमविक्रमा:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इसलिए, उनके संदर्भ में 'मृत' शब्द सार्थक हो रहा है। इन प्रचंड पराक्रमी भूमिपालों को प्रायः 'मृत' कहा जाता है।
 
Hence, the word ‘dead’ is becoming meaningful in their context. These fiercely mighty Bhumipala are often said to be 'dead'.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)