Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.51.8: अब जबकि सुभद्रापुत्र अभिमन्यु मारा गया है, तब मैं कुन्तीपुत्र अर्जुन की ओर कैसे दृष्टि उठाऊँगा? अथवा उस महान् सुभद्रा का, जो अब अपने प्रिय पुत्र को भी नहीं देख पाती, कैसे सामना करूँगा?॥8॥ | mahabharat अध्याय 7.51: युधिष्ठिरका विलाप । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं द्रक्ष्यामि कौन्तेयं सौभद्रे निहतेऽर्जुनम्।
सुभद्रां वा महाभागां प्रियं पुत्रमपश्यतीम्॥ ८॥
अनुवाद
अब जबकि सुभद्रापुत्र अभिमन्यु मारा गया है, तब मैं कुन्तीपुत्र अर्जुन की ओर कैसे दृष्टि उठाऊँगा? अथवा उस महान् सुभद्रा का, जो अब अपने प्रिय पुत्र को भी नहीं देख पाती, कैसे सामना करूँगा?॥8॥
‘Now that Abhimanyu, the son of Subhadra, has been killed, how will I raise my eyes towards Arjuna, the son of Kunti? Or how will I face the great Subhadra, who is unable to see her beloved son anymore?॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥