Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.51.15-18: जो लोभरहित, बुद्धिमान, लज्जाशील, क्षमाशील, सुन्दर, बलवान, मनोहर, दूसरों का आदर करनेवाला, प्रिय, वीर और सत्यवादी है, जिसके कर्मों की प्रशंसा देवता भी करते हैं, जिसके कर्म बलवान और महान हैं, जिसने निवातकवच और कालकेय नामक दैत्यों का नाश कर दिया, जिसने हिरण्यपुर के निवासियों को पलक मारते ही मार डाला था। इन्द्रशत्रु ने पौलोम नामक दैत्य को उसके गणों सहित मार डाला था और जो निर्भय होकर इच्छा करनेवाले शत्रुओं को भी अभय प्रदान करनेवाले पराक्रमी अर्जुन के बलवान पुत्र की भी हम रक्षा नहीं कर सके। 15-18 | mahabharat अध्याय 7.51: युधिष्ठिरका विलाप । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोभरहित, बुद्धिमान, लज्जाशील, क्षमाशील, सुन्दर, बलवान, मनोहर, दूसरों का आदर करनेवाला, प्रिय, वीर और सत्यवादी है, जिसके कर्मों की प्रशंसा देवता भी करते हैं, जिसके कर्म बलवान और महान हैं, जिसने निवातकवच और कालकेय नामक दैत्यों का नाश कर दिया, जिसने हिरण्यपुर के निवासियों को पलक मारते ही मार डाला था। इन्द्रशत्रु ने पौलोम नामक दैत्य को उसके गणों सहित मार डाला था और जो निर्भय होकर इच्छा करनेवाले शत्रुओं को भी अभय प्रदान करनेवाले पराक्रमी अर्जुन के बलवान पुत्र की भी हम रक्षा नहीं कर सके। 15-18
Who is without greed, intelligent, shy, forgiving, beautiful, strong, beautiful, respectful to others, lovable, brave and truthful, whose deeds are praised by even the gods, whose deeds are strong and great, who destroyed the demons named Nivatakavachas and Kalakeya, who killed the residents of Hiranyapur in the blink of an eye. Indrashatru had killed the demon named Pauloma along with his gang and we could not protect even the powerful son of the powerful Arjun who gives protection even to the enemies who wish to be fearless. 15-18
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥