श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 5: कर्णका दुर्योधनके समक्ष सेनापति-पदके लिये द्रोणाचार्यका नाम प्रस्तावित करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.5.12 
यं हि सेनाप्रणेतारं भवान् वक्ष्यति संयुगे।
तं वयं सहिता: सर्वे करिष्यामो न संशय:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस रणभूमि में तुम जिसे सेनापति होने के योग्य पाओगे, हम सब मिलकर निःसंदेह उसे प्रधान सेनापति बनाएँगे ॥12॥
 
Whoever you find worthy of being the commander in this battlefield, we all together will undoubtedly make him the commander in chief. ॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)