vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 5: कर्णका दुर्योधनके समक्ष सेनापति-पदके लिये द्रोणाचार्यका नाम प्रस्तावित करना
»
श्लोक 12
श्लोक
7.5.12
यं हि सेनाप्रणेतारं भवान् वक्ष्यति संयुगे।
तं वयं सहिता: सर्वे करिष्यामो न संशय:॥ १२॥
अनुवाद
इस रणभूमि में तुम जिसे सेनापति होने के योग्य पाओगे, हम सब मिलकर निःसंदेह उसे प्रधान सेनापति बनाएँगे ॥12॥
Whoever you find worthy of being the commander in this battlefield, we all together will undoubtedly make him the commander in chief. ॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×