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mahabharat 7.49.33: राजन! जब युवा बालक अभिमन्यु मारा गया, जो अभी तक युवा नहीं हुआ था, तब उसकी सारी सेना धर्मराज युधिष्ठिर के देखते-देखते भागने लगी ॥33॥   |   mahabharat अध्याय 7.49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.49.33 
अभिमन्यौ हते राजन् शिशुकेऽप्राप्तयौवने।
सम्प्राद्रवच्चमू: सर्वा धर्मराजस्य पश्यत:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
राजन! जब युवा बालक अभिमन्यु मारा गया, जो अभी तक युवा नहीं हुआ था, तब उसकी सारी सेना धर्मराज युधिष्ठिर के देखते-देखते भागने लगी ॥33॥
 
King! When the young boy Abhimanyu, who had not yet attained youth, was killed, his entire army started fleeing before the eyes of Dharmaraja Yudhishthira. ॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)