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mahabharat 7.49.3-4: तब महाबली योद्धा अभिमन्यु ने हाथ में एक विशाल गदा ली। शत्रुओं ने उससे उसका धनुष, रथ, तलवार और चक्र छीन लिया था। अतः गदा हाथ में लेकर अभिमन्यु ने अश्वत्थामा पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  7.49.3-4 
महारथस्तत: कार्ष्णि: संजग्राह महागदाम्॥ ३॥
विधनु:स्यन्दनासिस्तैर्विचक्रश्चारिभि: कृत:।
अभिमन्युर्गदापाणिरश्वत्थामानमार्दयत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली योद्धा अभिमन्यु ने हाथ में एक विशाल गदा ली। शत्रुओं ने उससे उसका धनुष, रथ, तलवार और चक्र छीन लिया था। अतः गदा हाथ में लेकर अभिमन्यु ने अश्वत्थामा पर आक्रमण कर दिया।
 
Then the mighty warrior Abhimanyu took a huge mace in his hand. The enemies had deprived him of his bow, chariot, sword and discus. Therefore, holding the mace in his hand, Abhimanyu attacked Ashvatthama. 3-4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)