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mahabharat 7.49.22: यह बालक द्रोण और कर्ण आदि छह कौरव योद्धाओं द्वारा असहाय अवस्था में मारा गया है और यहाँ सो रहा है। हमारी राय में यह धर्म नहीं है ॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 7.49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.49.22 
द्रोणकर्णमुखै: षड्‍‍भिर्धार्तराष्ट्रैर्महारथै:।
एकोऽयं निहत: शेते नैष धर्मो मतो हि न:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
यह बालक द्रोण और कर्ण आदि छह कौरव योद्धाओं द्वारा असहाय अवस्था में मारा गया है और यहाँ सो रहा है। हमारी राय में यह धर्म नहीं है ॥ 22॥
 
This child, killed in a helpless state by six Kaurava warriors like Drona and Karna, is sleeping here. In our opinion this is not Dharma. ॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)