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mahabharat 7.49.13-14: शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाला अभिमन्यु गदा के महान वेग और प्रयत्न से मोहित होकर पृथ्वी पर मूर्छित होकर गिर पड़ा। राजन! इस प्रकार अनेक योद्धाओं ने मिलकर उस रणभूमि में एकाकी अभिमन्यु को मार डाला। 13-14॥   |   mahabharat अध्याय 7.49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 49: अभिमन्युका कालिकेय, वसाति और कैकय रथियोंको मार डालना एवं छ: महारथियोंके सहयोगसे अभिमन्युका वध और भागती हुई अपनी सेनाको युधिष्ठिरका आश्वासन देना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  7.49.13-14 
गदावेगेन महता व्यायामेन च मोहित:॥ १३॥
विचेता न्यपतद् भूमौ सौभद्र: परवीरहा।
एवं विनिहतो राजन्नेको बहुभिराहवे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाला अभिमन्यु गदा के महान वेग और प्रयत्न से मोहित होकर पृथ्वी पर मूर्छित होकर गिर पड़ा। राजन! इस प्रकार अनेक योद्धाओं ने मिलकर उस रणभूमि में एकाकी अभिमन्यु को मार डाला। 13-14॥
 
Abhimanyu, the destroyer of enemy warriors, fell unconscious on the earth, fascinated by the great speed and effort of the mace. Rajan! In this way, many warriors together killed the lonely Abhimanyu in that battlefield. 13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)